क्या आप अपने भीतर की शांति को फिर से जीना चाहते हैं ?
और
थोड़े समय के लिए ही सही, मन की भीड़ से बाहर निकलना चाहते हैं?
तो
यह शिविर है—
खुद से मिलने का,
खुद की शांति से मिलने का,
भीतर उतरने का !
क्योंकि
ध्यान अभ्यास नहीं,अनुभव है...
तोआइए और अनुभव कीजिए - प्रकृति की गोद में, ओशो के ध्यान विधियों द्वारा तनाव, उलझन और थकान से गहराई से मुक्ति।
सीमित स्थान |
.jpg)